तुही बताव हे फेसबुक, का बा नेपालके समाचार!!? (थारु भाषाके कविता)

कविता

तुही बताव हे फेसबुक, का बा नेपालके समाचार??
ना बा टिभी रेडियो, ना टेलिफोन सञ्चार
खेतबारी डुब गइल, टुटल घरबार!!
तुही बताव हे फेसबुक, मातृभूमि के समाचार??

केतना लोग अनाथ भइली, केतना लचार!
देश अाजु रोवत बारी, छाती अपन फार!!
जाग-जाग हे जनता, जागहु सरकार
तुही बताव हे फेसबुक, घरके समाचार?

जन धन के नास भइल, जीवजन्तू परेसान
पुल, नहर, सडक टुटल, कथिकरी किसान!!
जब-जब सावन भादो आइ, मुटु थर-थराइ
कबो बाढीपहिरो त, कबो भुकम्प बढ जाइ!!

लेखक:- रामदेव चौधरी
कोल्हवी न.पा.२ बगेवा, बारा

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